Christmas Day 2022 in Hindi

क्रिसमस क्यों मनाया जाता हैं – Christmas Day 2024 in Hindi

क्रिसमस क्यों मनाया जाता है (Christmas Day Kyu Manate Hai)

25 दिसंबर को क्रिसमस या बड़ा दिन ईसा मसीह या यीसु के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। ईसाईयों का यीसु (Jesus) के बारे में ये मानना है कि मसीहा (God) मरियम के पुत्र के रूप में पैदा हुए थे ।

तब से ये त्योहार अपने मसीहा के जन्म के खुशी में मनाते है। ईसा मसीह सबको प्रेम और इंसानियत की बात बताते थे और यही चीज़ वहां के शासकों को पसंद नही आई और उन्होंने ईसा मसीह (Jesus) को शूली पे चढ़ा दिया। ईसा मसीह को परमेश्वर का पुत्र भी कहा जाता है।

शुरुआत में ईसाई समुदाय के लोग यीसु यानी ईसा मसीह के जन्मदिन को एक त्योहार के रूप में नही मानते थे, लेकिन चौथी शताब्दी के आते- आते उनके जन्मदिन को त्योहार के तौर पर मनाया जाने लगा।

ये त्योहार ईसाई धर्म का है पर कुछ गैर ईसाई भी इसे बड़े ही धूम धाम से मनाते है। ये त्योहार ईसाईयों का सबसे बड़ा त्योहार है ये त्योहार हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है। क्रिसमस के 10 दिन पहले से सारी तैयारियाँ शुरु हो जाती है लगभग सारे देशों में कॉलेज, ऑफ़िस सब 1 सप्ताह तक बन्द रहते है। बाजारों की रौनक बढ़ जाती है और घरों की सजावट होने लगती है।

क्रिसमस कब मनाया जाता है (Christmas Kab Manaya Jata Hai)

क्रिसमस हर साल 25 दिसम्बर यानी जब बड़े दिन की शुरूआत होती है तब मनाया जाता है, इसलिए इसे बड़ा दिन भी कहते है। ब्रिटेन और दूसरे देशों में क्रिसमस से अगला दिन यानी 26 दिसम्बर बॉक्सिंग डे (boxing day) के रूप में मनाया जाता है।

आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च 6 जनवरी को क्रिसमस मनाता है, वो जलियन वेर्सिओ के अनुसार 25 दिसम्बर को क्रिसमस मनाता है, जो ज्यादा काम मे आने वाले ग्रेगोरियन कैलेंडर में 7 जनवरी का दिन होता है क्योंकि इन दोनों कैलेंडर में 13 दिनों का अंतर होता है।

कई जगहों पर क्रिसमस की तैयारी एक महीने पहले से शुरु हो जाती है। इंडिया के गोआ में ये त्योहार 15 दिसम्बर से 10 जनवरी तक चलता है जहाँ देश भर से लोग यहाँ क्रिसमस मनाने आते है।

क्रिसमस की सजावट (Christmas Decorations in Hindi)

क्रिसमस के 1 सप्ताह पहले से ही घरो को रंग बिरंगी रोशनियों से सजा दिया जाता है। बाजार और सड़क एक दुल्हन के रूप की तरह सजे हुए दिखने लगते है।

चर्च में समारोह और तरह-तरह की सजावट होती है। लोग अपने घरों के अंदर या बाहर क्रिसमस ट्री की सजावट रंग बिरंगी लाइट, gift, chocolate, घन्टी (bell), और क्रिसमस के आभूषण से करते है। ये सब देखने मे ऐसा लगता है मानो सारे साल का त्योहार एक बार ही मनाया जा रहा।

क्रिसमस कैसे मनाया जाता है (Christmas Kaise Manaya Jata Hai)

इस दिन लोग एक दूसरे को gifts और cards देकर क्रिसमस की बधाइयाँ देते है। क्रिसमस से कई दिन पहले ही सभी ईसाई समुदाय के लोगो द्वारा कैरोल्स गाए जाते है और प्रार्थनाएं की जाती है।

सारी दुनिया के गिरजाघरों में यीसु (Jesus) की जन्मगाथा नाटक के रूप में दिखाया जाता है। इस त्योहार में केक के साथ मुँह मीठा करने का बहुत महत्व है ठीक 12 बजे लोग केक काटते है और बधाईयां देखर एक दूसरे का मुंह मीठा करते है और कुछ लोग सांताक्लास की वेशभुषा पहन कर बच्चो को खुश कर देते है।

क्रिसमस ट्री (Christmas Tree in Hindi)

क्रिसमस ट्री एक सदाबहार, फर, या बालसम का पेड़ होता है। जिस पर क्रिसमस के दिन lights, gifts, घंटिया (bells), chocolates, रूई, क्रिसमस के आभूषणों आदि से सजाया जाता है। अनुमान ये है कि इस प्रथा की शुरुआत प्राचीन काल में मिस्रवासियों, चीनियों या हिबूर लोगो ने की थी।

यूरोप के लोग भी सदाबहार पेड़ो से घरों को सजाते थे। उनका विश्वास था कि इन पौधों को घर मे सजाने से बुरी सक्तिया दूर रहती है। आधुनिक क्रिसमस ट्री की शुरुआत पश्चिम जर्मनी में हुई।

मध्यकाल (mid century) में एक लोकप्रिय नाटक के समय ईडन गार्डन को दिखाने के लिए फर के पेड़ का इस्तेमाल किया गया जिस पर सेब लटकाए गए। उसके बाद जर्मनी के लोगो ने 24 दिसम्बर को फर या सदाबहार के पेड़ से अपने घरों की सजावट करनी शुरू कर दी। इंग्लैंड में प्रिंस अलबर्ट ने 1841 ई. में विंडसर कैसल में पहला क्रिसमस ट्री लगाया था।

सांता क्लास (Santa Claus in Hindi)

सांता क्लास क्रिसमस का एक अहम हिस्सा है, बच्चे उनका बेसब्री से इंतजार करते है। सांता क्लास की प्रथा संत निकोलस ने चौथी या पांचवी सदी में शुरू की इनका जन्म ईसा मसीह की मृत्यु के बाद लगभग 280 साल बाद मायरा में हुआ था।

उन्होंने अपना पूरा जीवन ईसा मसीह को समर्पित कर दिया। उन्हें लोगो की मदत करना बहुत पसंद था, यही वजह थी कि वो ईसा मसीह के जन्मदिन के मौके पर रात के अंधरे में जिससे उन्हें कोई देख न पाए बच्चो को गिफ्ट दिया करते थे।

सत्रहवीं सदी तक संत निकोलस का नाम सांता क्लॉज हो गया। यह नाम डेनमार्क वासियों द्वारा दिया गया।

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Christmas Day 2022 in Hindi से संबंधित प्रश्न उत्तर


Q 1ईसा मसीह कौन थे?

Ans – यीशु (Jesus) के बारे में लोगो का ये मानना है कि मसीहा (God) मरियम के पुत्र के रूप में पैदा हुए थे। ईसा मसीह का जन्म आज से 2020 साल पहले 25 दिसम्बर को यरुशलम के बेतलहम नामक गाँव में हुआ था। ईसा मसीह के पिता का नाम जोसफ था और ईसा मसीह की माता का नाम मरियम था।

Q 2- 25 दिसंबर को बड़ा दिन क्यों कहा जाता है?

Ans – मन्यताओ के अनुसार बहुत सी कथाएं है जिनमे से एक ये है कि इस दिन रात की अपेक्षा दिन बड़ा होता है, यही कारण है कि इस दिन को ‘बड़ा दिन’ कहा जाता है। कुछ लोग ये भी मानते है की हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, इस दिन खूब दान पुण्य किया जाता है, इसलिए इसे ‘बड़ा दिन’ नाम दिया गया है।

Q 3- क्रिसमस डे कब मनाया जाता है?

Ans – क्रिसमस डे हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है।

Q 4 – सांता क्लॉज़ कौन थे?

Ans – आज से डेढ़ हज़ार साल पहले तुर्की के मीरा नामक शहर में जन्मे संत निकोलस को असली सांता या सांता क्लॉस का जनक माना जाता है।

Q 5 – क्रिसमस डे को मैरी क्रिसमस बोल के विश क्यों करते है?

Ans – इस शब्द को प्रचलित करने का श्रेय इंग्लिश साहित्यकार चार्ल्स डिकेंस को जाता है। आज से करीब 175 साल पहले प्रकाशित किताब ‘अ क्रिसमस कैरोल’ में उन्होंने बार-बार मैरी शब्द का उपयोग किया गया था। कहा जाता है कि यहीं से क्रिसमस को विश करने के लिए मैरी शब्द चलन में आ गया।

उम्मीद है की आपको हमारा पोस्ट अच्छा लगा हो, ऐसे ही हमारे ब्लोग्स को अपना प्यार देते रहे मुस्कुराते रहे आपको Sikhindia के परिवार के तरफ से Merry Christmas. ❤️

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