Air Pollution

वायु प्रदूषण क्या है ? ये आपके जीवन में  कितना खतरनाक हो सकता है 

वायु प्रदूषण क्या है ? ये आपके जीवन में  कितना खतरनाक हो सकता है 

हैल्लो दोस्तों आज हम बात करेंगे सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक पे जो है वायु प्रदूषण यानी एयर पॉल्युशन पर जो हमारे जीवन को हर सेकंड कम करता जा रहा है। 

दोस्तों आये दिन आप न्यूजपेपर टेलीविजन में वायु प्रदूषण के न्यूज़ तो देख ही रहे होंगे कि वायु प्रदूषण से हमारे जीवन पर किस तरह का प्रभाव पड़ रहा तो आइए जानते इन्ही चीज़ों के बारे में और गहराई से ताकि हम इसके प्रभाव और परिणाम से बच सके एवं अपने बच्चों को भी सुरक्षित रख सके।

क्या है वायु प्रदूषण (What is air pollution)

air pollutionवायु प्रदूषण मानव जीवन के लिए बहुत बड़ी समस्या बनता जा रहा है। एक तो सबसे बड़ा कारण है बढ़ती जनसंख्या जिसके वजह से वाहनों की संख्या बढ़ रही और जहरीले धुंए हवा में फैल रहे, दूसरी सबसे बड़ी वजह है फैक्ट्री कारखानों का दिन प्रितिदिन और बढ़ना।

क्या है वायु प्रदूषण..? धातुओ और ईंधन के जलने, वाहनों के जहरीले धुंए, फैक्ट्रीज से निकलती जहरीली पदार्थ से जो जहरीले केमिकल्स (रसायनों), आदि हवा में मिलते है उनसे वायु प्रदूषण होता है। जैसे-

  • सल्फल ऑक्ससाइड विशेष रूप से सल्फर डाइऑक्ससाइड कोयले और तेल के जलने से उत्पन्न होते है।
  • प्राकृतिक गैस, कोयला या लकड़ी जैसे अधूरे ईंधन जलने से कार्बन ऑक्साइड उत्पन्न होता है जिसका गन्ध बहुत जहरीला है। गाड़ियों से होने वाला उत्सर्जन कार्बन ऑक्साइड का एक मुख्य वजह है।
  • विषाक धातुएँ (Toxic metals) जैसे जस्ता, कैडमियम और ताम्बा।
  • कृषि प्रक्रिया से उत्सर्जित अमोनिया (यानी अनाज कटने के बाद किसान जो बचा हुआ कण जलाते है)।
  • कूड़े, सीवेज और औघोगिक (Industrial) प्रक्रिया से होने वाले गंध।

वायु प्रदूषण के प्रभाव (Effects of air pollution)

हमे दिखता नही है लेकिन वायु प्रदूषण हमे बहुत नुकसान पहुँचता है और इस बात का पता हमे बहुत देर में चलता है। वायु प्रदूषण के कारण हमें सास लेने में दिक्कत हो सकती है और मौत भी हो सकती है।

साथ ही ये प्रदूषण ओजोन की परत को पतला करने में मुख्य भूमिका निभा रहा है। वायु प्रदूषण हमारे ऊपर तथा हमारे वातावरण पर अनेक प्रभाव डालता है जैसे-

  • वायु प्रदूषण से मनुष्य, पशुओं तथा पक्षियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वायु प्रदूषण से दमा, सर्दि-खाँसी, अंधापन, स्रव का कमजोर होना, त्वचा रोग जैसी बीमारियाँ पैदा होती है।
  • वायु प्रदूषण से सर्दियों में कोहरा छाया हुआ रहता है, जिसका कारण है धुँए तथा मिट्टी के कणों का कोहरे में मिला होना। इससे हमें आँखों मे जलन और सास लेने में दिक्कत होती हैं।
  • ये तो हम सब जानते है कि ओजोन परत हमारी पृथ्वी के चारों ओर एक सुरक्षित गैस परत है, जो हमे सूर्य के आने वाले हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाती है। लेकिन वायु प्रदूषण के कारण ये परत पतली होती जा रही जिसके कारण जीन अपरिवर्तन, अनुवांशकीय और त्वचा कैंसर के खतरे बढ़ते जा रहे।
  • वायु प्रदूषण से एसिड रेन यानी अम्लीय वर्षा होती है जो फ़सलों, पेड़ो, भवनों तथा ऐतिहासिक इमारतों को नुकसान पहुचता है।
  • वायु प्रदूषण के कारण पृथ्वी का तापमान बढ़ता है क्योंकि सूर्य से आने वाली गर्मी के वजह से पर्यावरण में कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन तथा नाइट्रस ऑक्साइड का प्रभाव कम नही होता, जो कि हानिकारक हैं।

वायु प्रदूषण के कारण (cause of air pollution)

वायु प्रदूषण के कारण भी हम मनुष्य ही है। थोड़ी सी तकलीफ ना उठाकर हम मजे में कार की ac का हवा खाते हुए जाते है, ये सोचे बिना की उसमे से निकलता धुंआ हमारे पृथ्वी और हमारे लिए कितना हानिकारक है।

इसके अलावा भी वायु प्रदूषण के कुछ सामान्य कारण है-

  • अधिक पेड़ो को काटना।
  • वाहनों से निकलने वाले जहरीले धुँए।
  • फैक्टरीज से निकलने वाले धुएँ
  • जंगल मे पेड़ पौधें के जलने से।
  • कारख़ानों में कोयले तथा तेल का जलने वाला धुआँ।
  • कूड़े, सीवेज और औघोगिक (Industrial) प्रक्रिया से होने वाले गंध।

वायु प्रदूषण से बचाव (Air pollution prevention)

  • वायु प्रदूषण का स्तर ज्यादा होने पर घर के बाहर व्यायाम न करें।
  • घर से बाहर जाते वक्त मास्क, रुमाल या कोई साफ कपड़े से मुंह को ढंकें के निकले।
  • घर से बाहर या शहर के किसी इलाके में जाने से पहले शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स चेक कर ले, इसके लिए आप अपने मोबाइल व इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • घर में कुछ भी ऐसी चीजें न बनाएं जिससे कि ज्यादा धुंआ निकले। कम ईंधन इस्तेमल होने वाला खाना पकाएं।
  • अपने आस पास किसी प्रकार का कचरा लकड़ी आदि न जलाएं ना जलाने दें।
  • ज्यादा फल व हरी सब्जियां खांए। साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का कम इस्तेमाल करे बस या पैदल चलें 
  • एयर फ़िल्टर करने वाले पौधें लगाए जो जहरीली गैसों को कम करने में सहायक होते है। इन पौधों को एयर फिल्टरिंग प्लांट भी कहा जाता है। ये पौधे जलन, लगातार जुकाम, एलर्जी, खुजली, आंखों में जलन और हवा को फिल्टर करने आपकी सहायता करेंगे। भारत में इस तरह के पौधों में एलो वेरा, लिली, स्नेक प्लांट (नाग पौधा), पाइन प्लांट (देवदार का पौधा) मनी प्लांट, अरीका पाम और इंग्लिश आइवी सामिल हैं।

वायु प्रदूषण से बच्चों का बचाव (Protecting children from air pollution)

air pollution

एयर पॉल्युशन से बच्चो को बचाना सबसे जरूरी है। वायु प्रदूषण और बाल स्वास्थ्य, स्वच्छ वायु निर्धारित करना’ नाम से जारी इस रिपोर्ट के अनुसार ये अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2016 में वायु प्रदूषण से होने वाले श्वसन से संबंधी बीमारियों की वजह से दुनियाभर में पांच साल से कम उम्र के करीबन 5.4 लाख बच्चों की मौत हुई थी।

और अब नई रिपोर्ट के मुताबिक, पांच साल से कम उम्र के 10 बच्चों की मौत में से एक बच्चे की मौत प्रदूषित हवा की वजह से हो रही है। तो आप समझ सकते है उन्हें इससे बचना कितना जरूरी है।

  • उन्हें बाहर पॉल्युशन वाली जगहों पर न ले जाये।
  • जितना हो सके प्रोटीन से भरपूर चीज़े खिलाए।
  • अपने आसपास की जगह पर वायु प्रदूषण का स्तर चेक करते रहे और उसी के तहत अपनी आगे की चीजों को प्लान करें।
  • अगर स्मॉग ज्यादा है तो बच्चों को बाहर जाने और आउटडोर गेम्सक खेलने से रोके।
  • ध्यान रखें जब बच्चा घर से बाहर जाए तो एंटी पॉल्‍यूशन मास्क पहन कर जाए।
  • जब पॉल्यूशन बहुत अधिक हो तो उस जगह बच्चे को जाने से रोके।
  • अपने बच्चे की सेहत का ध्यान रखें। यदि उसे अस्थमा या एलर्जी है तो उसकी एक्टिविटीज पर खास तौर पर नजर रखें। डॉक्टर से पहले ही सलाह ले कर रखे।

वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियाँ (Diseases caused by air pollution)

  • स्ट्रोक
  • स्वास संबंधी परेशानियां
  • आंखों में जलन
  • नजर कमजोर होना
  • ह्रदय रोग 
  • एलर्जी
  • खांसी ज़ुखाम
  • ज़हरीली कण शरीर में ज्यादा जाने पर उल्टी, दस्त व बुखार भी हो सकता है।

वायु प्रदूषण को समय रहते कम कैसे करे (How to reduce air pollution in time)

  • जितना हो सके पेड़ पौधों लगाए।
  • पेड़ो को कटने से रोके।
  • वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करे। जितना हो सके बस, पैदल और ट्रैन का सहारा ले।
  • एयर फ़िल्टर का इस्तेमाल करे।
  • प्लास्टिक, कचरा, लकड़ी आदि न जलाए।

एक्यूआई का मानक स्तर (AQI Standard Level)

  • 50 – 100 तक अच्छा
  • 101 – 200 तक साधारण
  • 201 – 300 तक खराब
  • 301 – 400 तक बहुत खराब
  • 401 – 500 तक सीवियर (बहुत खतरनाक स्तर)
  • 501 से ज्यादा – इमरजेंसी

इंडिया के टॉप 10 वायु प्रदूषण से प्रभावित शहर (Top 10 air pollution affected cities in India)

No. Cities AQI Standard Level
1. जींद 448
2. बागपत 440
3. ग़ज़िआबाद 440
4. हापुर 436
5. लखनऊ 435
6. मोरादाबाद 434
7. नोएडा 430
8. ग्रेटर नोएडा 428
9. कानपुर 427
10. सिरसा  426
14. दिल्ली 407

इंडिया टुडे डेटा इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा उपलब्ध कराए गए AQI बुलेटिन का को देखा और पाया कि दिल्ली, वास्तव में, भारत के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल नहीं था दीवाली से पहले तक।

यानी दिल्ली का प्रदूषण स्तर दीवाली के बाद से ही बढ़ा है।

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