RAKSHABANDHAN 2021: NIBANDH HINDI,ENGLISH,MARATHI

RAKSHABANDHAN ESSAY

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नमस्कार दोस्तों

SIKHINDIA के ब्लॉग पर आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है। आज हम लोग रक्षाबधन के पवित्र त्यौहार के बारे में जानेंगे। रक्षाबंधन का त्यौहार हर वर्ष श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। यह त्यौहार भाई और बहन के अनोखे प्यार का त्यौहार है। इस दिन बहन अपने भाई के हाथ पर रक्षा का धागा बांध कर उसकी लम्बी उम्र की कामना करती  है। और भाई बहन की सुरक्षा का वादा करता है। रक्षाबंधन का यह त्यौहार भाई बहन के प्रेम और कर्तव्य के प्रति समर्पित है।रक्षाबंधन भाई बहन के अटूट प्रेम  विस्वास को दर्शाता है।

रक्षाबंधन किस दिन मनाया  है ?

रक्षाबंधन का त्यौहार श्रवण मास की पूर्णिमा के दिन प्रतिवर्ष बहुत ही धूमधाम और हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है।

हमारा देश भारत ऋतुओं, त्योहारों और उत्सवों का जीता-जागता स्वरूप है। हर दिन नाचता गाता सा अनुभव होता है और हर पल एक खुशी लेकर आता है। प्रत्येक जाति के अपने-अपने उत्सव और त्योहार होते हैं। उनके मूल में भिन्न-भिन्न कारण होते हैं। उन्हें मनाने के ढंग भी पृथक्-पृथक् हो सकते हैं, लेकिन एक-दूसरे के त्योहारों के प्रति सबके मन में श्रद्धा होती है तथा उनमें लोग सहर्ष सम्मिलित भी होते हैं। इस प्रकार ये त्योहार जाति विशेष की संस्कृति तथा राष्ट्र की चेतना के भी अंग होते हैं। भारत में मनाए जाने वाले त्योहारों में कुछ राष्ट्रीय त्योहार हैं, कुछ का महत्त्व धार्मिक दृष्टि से है तथा कुछ त्योहार प्रांतीय स्तर पर भी मनाए जाते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाने वाले त्योहारों में से ही एक त्योहार रक्षाबंधन है।

त्योहार की पृष्ठभूमि-रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। श्रावण की पूर्णिमा को मनाए जाने के कारण इसे ‘श्रावणी पर्व’ के नाम से भी जाना जाता है।प्राचीन समय में आश्रमों में रहने वाले ऋषिगण श्रावण मास में स्वाध्याय और यज्ञादि करते रहते थे। पूर्णिमा के दिन मासयज्ञ की पूर्णाहुति और तर्पणकर्म होता था। साथ ही यज्ञोपवीत भी धारण किया जाता था। यज्ञ के अंत में रक्षासूत्र बाँधा जाता था। गुरुजन शिक्षासत्र का आरंभ करते थे और आशीर्वाद के रूप में पीले रंग का रक्षासूत्र अभिमंत्रित करके बाँधते थे। इसीलिए इस त्योहार को श्रावणी’, ‘ऋषितर्पण’, ‘उपाकर्म’ तथा ‘रक्षाबंधन’ के नाम से भी पुकारते हैं।

राखी का त्यौहार रक्षाबंधन

इस दिन सभी नए-नए कपड़े पहनते हैं। सभी का मन हर्ष और उल्लास से भरा होता है। बहनें अपने भाइयों के लिए खरीदारी करती हैं, तो भाई अपनी बहनों के लिए साड़ी आदि खरीदते हैं और उन्हें देते हैं। यह खुशियों का त्योहार है। हमारे हिन्दू समाज में ऐसी कई परंपराएँ हैं, जो वर्षो से चली आ रही हैं। उन्हें आज का समाज भी मान रहा है । ये  परंपराएँ हमारी संस्कृति या हमारा culture  कहलाती हैं। उन्ही परम्पराओ का एक उदाहरण रक्षाबंधन है।  रक्षाबंधन एक ऐसा त्यौहार है जो हमें आपस में जोड़ता है। इसी लिए इसे पुरे भारतवर्ष में हर्षोउल्लास से मनाया जाता है। 

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राजस्थान मैं रक्षाबंधन का महत्त्व 

राजस्थान राज्य कला और संस्कृति की पुरे भारत और में अलग ही पहचान रखता है। इसी तरह रक्षाबंधन का त्यौहार भी यंहा बड़ी ही धूम धाम से मनाया जाता है। यंहा पर राखी रक्षाबंधन के दिन से लेकर गुगा पर्व के दिन तक बांधी जाती है। और गुगा पर्व के दिन सभी गोगाजी महाराज को भोग लगा कर अपनी कलाई से राखी खोल कर उनकी प्रतिमा पर चढ़ा देते है। गोगा जी की खीर चूरमा का भोग लगाया जाता है। राजस्थान में राखी के दिन अगर कोई महिला अपने भाई को राखी बांधने न जा सके तो गुगा पर्व तक कभी भी जाकर वो अपने भाइयों को राखी बांध सकती है। 

RAKSHABANDHAN DATE 2021 

 [SUNDAY]  22 AUGUST 2021

 रक्षाबंधन पर निबंध [hindi essay raksha bandhan]

दोस्तों रक्षाबंधन हिन्दू धर्म में बहुत ही पवित्र त्यौहार है क्योंकि ये भाई बहिन के अटूट प्रेम और विस्वास का  त्यौहार है। इस दिन सभी नए नए कपडे पहनते है। बहने देश प्रदेश से अपने भाई को राखी बांधने के लिए भाई के घर जाती है। और घर ना आने की स्थिति में पत्र के जरिये भी भाई के लिए रक्षासूत्र भेजती है। राखी के बदले में भाई बहिन को उपहार स्वरूप रुपये ,कपडे ,गहने या अन्य बहन के मनपसंद उपहार देता है। इस तरह से इनके बिच प्रेम और भी ज्यादा अटूट हो जाता है। 

रक्षाबंधन हिन्दुओं का बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्योहार भाई-बहन के पवित्र प्रेम व् अविश्वनीय विस्वास का प्रतीक है। इस दिन बहने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बाँधती हैं और अपने भाई की लंबी आयु की कामना करती हैं। भाई अपनी बहन को उसकी रक्षा का वचन देता है।

यह राखी का त्योहार पुरे भारत में हर्षोउल्लास से मनाया जाता है। हम यह पर्व सदियों से मनाते चले आ रहे हैं।रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन बहनें अपने भाई के घर राखी और मिठाइयाँ ले जाती हैं। भाई राखी बंधवाने के बाद बहन को उपहार में रुपए देते हैं या कपडे या और कोई अन्य गिफ्ट देते हैं। इस प्रकार भाई बहन के बिच प्रेम का ये रिश्ता ज्यादा अटूट हो जाता है।
जब मेवाड़ की महारानी कर्णावती पर बहादुर शाह ने आक्रमण कर दिया, तब रानी ने स्वयं के राज्य की रक्षा के हेतु मुगल बादशाह हुमायूँ को राखी भेजकर मदद मांगी थी। रानी कर्णावती खुद भी एक वीर क्षत्राणी थीं इसलिए बहादुर शाह से सामना करने के लिए वह खुद भी युद्ध के मैदान में कूद पड़ी थीं, परंतु हुमायूँ का साथ भी उन्हें सफलता नहीं दिला सका।

raksha bandhan essay in english

Friends Rakshabandhan is a very sacred festival in Hinduism because it is a festival of unwavering love and faith of brother and sister.  Everyone wears new clothes on this day.  Bahi goes to the brother’s house to tie a rakhi to her brother from the country.  And in the event of not coming home, it also sends a letter of protection to the brother through a letter.  In lieu of Rakhi, the brother gives rupees, clothes, jewelry, or other sister’s favorite gifts as a gift to the sister.  In this way, love becomes even more unbreakable between them.

 Rakshabandhan is a very important festival of Hindus.  This festival is a symbol of unwavering faith in the sacred love of brothers and sisters.  On this day Bahi ties a rakhi on her brother’s wrist and wishes her brother a long life.  The brother pledges his sister to protect her.

 This Rakhi festival is celebrated all over India with great enthusiasm.  We have been celebrating this festival for centuries. On the day of the Raksha Bandhan festival, sisters take rakhi and sweets to their brother’s house.  After the Rakhi is tied, the brother gives a gift to the sister or gives clothes or any other gift.  In this way, this relationship of love between siblings becomes more unbreakable.

 When Maharani Karnavati of Mewar was attacked by Bahadur Shah, the queen sent a rakhi to Mughal emperor Humayun to seek help to protect his own kingdom.  Rani Karnavati herself was also a heroic warrior, so she herself jumped into the battlefield to face Bahadur Shah, but Humayun’s support could not succeed her either. 

Rakshabandhan nibandh in marathi 

मित्रांनो, रक्षाबंधन हा हिंदू धर्मातील एक अतिशय पवित्र सण आहे, कारण हा भाऊ व बहिणीच्या अतूट प्रेम आणि श्रद्धाचा सण आहे.  प्रत्येकजण या दिवशी नवीन कपडे घालतो.  बहि देशातून आपल्या भावाला राखी बांधण्यासाठी भावाच्या घरी जाते.  आणि घरी न आल्यास, ते एका पत्राद्वारे भावाला संरक्षणाचे पत्र देखील पाठवते.  राखीच्या बदल्यात, भाऊ बहिणीला भेट म्हणून रुपये, कपडे, दागदागिने किंवा इतर बहिणीची आवडती भेटवस्तू देते.  अशा प्रकारे, प्रेम त्यांच्या दरम्यान आणखी अतूट होते.

 रक्षाबंधन हा हिंदूंचा एक महत्वाचा सण आहे.  हा सण बंधू-भगिनींच्या पवित्र प्रेमावर अटूट श्रद्धा ठेवण्याचे प्रतीक आहे.  या दिवशी बहि तिच्या भावांच्या मनगटावर राखी बांधते आणि तिच्या भावाच्या दीर्घायुष्यासाठी शुभेच्छा.  भाऊ आपल्या बहिणीला तिचे रक्षण करण्यासाठी वचन देतो.

 हा राखी उत्सव संपूर्ण भारतभर मोठ्या उत्साहात साजरा केला जातो.  हा सण आपण शतकानुशतके साजरे करीत आहोत, रक्षाबंधन सणाच्या दिवशी बहिणी आपल्या भावाच्या घरी राखी आणि मिठाई घेतात.  राखी बांधल्यानंतर भाऊ बहिणीला रुपये देतात किंवा कपडे किंवा इतर कोणतीही भेटवस्तू देतात.  अशा प्रकारे, भावंडांमधील प्रेमाचे हे नाते अधिक अतूट होते.

 जेव्हा मेवाडच्या महारानी कर्णावतींनी बहादूर शहावर हल्ला केला तेव्हा राणीने मोगल बादशाह हुमायूंकडे राखी पाठवली आणि स्वतःच्या राज्याचे रक्षण करण्यासाठी मदत मागितली.  स्वत: राणी कर्णावतीही एक वीर योद्धा होती, म्हणून तिने स्वत: बहादूरशहाचा सामना करण्यासाठी रणांगणात उडी मारली, पण हुमायूचा पाठिंबा तिला यशस्वी होऊ शकला नाही.

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