b.com कोर्स क्या है पूरी जानकारी हिंदी में

b.com कोर्स क्या है पूरी जानकारी हिंदी में

What is b.com course complete information in hindi

B.com कोर्स क्या है ?

हेलो दोस्तों मैं आप सभी का आज के इस लेख में स्वागत करता साथियों आज हम आपको B.com कोर्स के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं बीकॉम कोर्स क्या है बीकॉम कोर्स क्या होता है बीकॉम कोर्स के लिए योग्यता क्या होती है बीकॉम कोर्स के करने के फायदे क्या होते हैं बीकॉम कोर्स करने के बाद अनुमानित सैलरी कितनी होगी साथियों अगर आपके मन में इन सभी सवालों से जुड़ी अन्य किसी भी बात की जानकारी चाहिए तो इस लेख में आपको आपके सभी सवालों का जानकारी प्राप्त हो जाएगा।

अगर आप बीकॉम को अपना करियर चॉइस बना रहे हैं तो यह एक समझदारी भरा फैसला है। यह 10+2 के बाद ट्रेंडिंग कोर्स में से एक है।B.Com के बाद करियर विकल्पों के बारे में जानने से पहले !! आइए चर्चा करते हैं “बैचलर ऑफ कॉमर्स क्या है?””एक बैचलर ऑफ कॉमर्स, जिसे बीकॉम के रूप में संक्षिप्त किया गया है, वाणिज्य और संबंधित विषयों में स्नातक की डिग्री है। पाठ्यक्रम को वित्त, लेखा, कराधान और प्रबंधन जैसी धाराओं में प्रबंधकीय कौशल और समझ की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

बैचलर ऑफ कॉमर्स अकाउंटिंग, इकोनॉमिक्स, बिजनेस लॉ, टैक्सेशन, इंश्योरेंस और मैनेजमेंट में समझ प्रदान करता है।बैचलर ऑफ कॉमर्स (बी.कॉम) की डिग्री पहली बार बर्मिंघम विश्वविद्यालय में पेश की गई थी। भारत में B.com की अवधि 3 वर्ष है। उम्मीदवार रेगुलर और डिस्टेंस मोड में बी.कॉम कर सकते हैं।

बैचलर ऑफ कॉमर्स प्रोग्राम आपको अकाउंटिंग, बैंकिंग, वित्तीय प्रबंधन, सूचना प्रणाली और प्रबंधन में करियर के लिए तैयार करता है।

साथियों अगर आप 12th के बाद बी कॉम करने की सोच रहे हैं तो यह बहुत बड़ा विकल्प साबित हो सकता है जैसा कि आज के समय में हर आदमी एक सफल मार्ग की ओर अग्रसर होना चाहता है वह यह चाहता है कि उसके द्वारा किए गए प्रयास उसके जीवन के लिए सुयोग्य और लाभदायक साबित हो सके। 

हर किसी छात्र की रूचि अलग-अलग विषयों अलग-अलग मन के अनुसार होती है ऐसा ज्यादातर देखने को मिलता है कि जो छात्र ट्वेल्थ आर्ट से पास होते हैं वह बी ए कोर्स का चुनाव करते हैं और उसी प्रकार जो छात्र ट्वेल्थ कॉमर्स साइड से पास करते हैं वह अपने आने वाले कल में बी कॉम कोर्स का चुनाव करते हैं जिन विद्यार्थियों की रुचि कॉमर्स सब्जेक्ट में होती है वह छात्र अपना 12th पूरा होने के बाद बीकॉम कोर्स ज्वाइन कर लेते हैं ट्वेल्थ आप किसी भी स्ट्रीम से पास हुए हो आप अपना ग्रेजुएशन अपने रूचि तथा मन के अनुसार कर सकते हैं आप अपने 12th के विषयों से हटकर अथवा किसी दूसरे विषय के साथ ग्रेजुएशन कर सकते हैं

मेरे प्यारे छात्र-छात्राओं आज के युग को देखते हुए और आज के समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए आज हर किसी को शिक्षित होना अति आवश्यक हो चुका है अगर आप समाज के साथ समाज के साथ जुड़कर रहना चाहते हैं तो आपका शिक्षित होना अति आवश्यक है आज के समय जो भी व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं है वक्त कहीं ना कहीं किसी ना किसी से आज भी बहुत पीछे है वह इसलिए जिस भी छात्र की रूचि जिस भी सब्जेक्ट या लाइन में रुचि हो वह अपने मन तथा विवेक के अनुसार ज्ञान प्राप्त कर सकता है

✍️जो छात्र बीकॉम कोर्स की डिग्री को 3 वर्ष की अवधि में पास नहीं कर पाते हैं उन छात्रों को शिक्षा नीति के आधार पर कुछ और वर्ष दिए जाते हैं जिन वर्षों के आधार पर वह छात्र बीकॉम कोर्स को पास कर लेते हैं

B.com कोर्स के विषय और सिलेबस

B.com सिलेबस सेमेस्टर वन

  • इंग्लिश एंड बिजनेस कम्युनिकेशन 

English and business communication

  • इंटरडिसीप्लिनरी साइकोलॉजी फॉर मैनेजर्स

Interdisciplinary Psychology For Managers 

  • बिजनेस इकोनॉमिक्स – वन 

Business Economics – 1

  • प्रिंसिपल ऑफ फाइनेंसियल एकाउंटिंग

Principal Of Financial Accounting

  • कमर्शियल लॉ 

Comercial law 

  • प्रिंसिपल एंड प्रैक्टिस ऑफ मैनेजमेंट

Principal and practice of management

बीकॉम सिलेबस सेमेस्टर 2

  • इंग्लिश एंड बिजनेस कम्युनिकेशन 

English And Business Communications

  • इंटरडिस्प्लेनेरी ई-कॉमर्स 

Interdisciplinary E – Commerce

  • बिजनेस इकोनॉमिक्स टू 

Business Economics -2

  • कॉरपोरेट अकाउंटिंग

Corporate Accounting 

बिजनेस लॉ 

  • Business Law

हुमन रिसोर्स मैनेजमेंट 

Human Resources Management

  • इंवॉल्वमेंट  रोड

Environmental Road

बीकॉम सिलेबस सेमेस्टर 3

  • इंटरडिस्प्लेनेरी इश्यूज इन इंडियन कॉमर्स

Interdisciplinary Issues In Indian Commerce

  • कॉस्ट अकाउंटिंग 

Cost Accounting

  • कंपनी लॉ 

Company Law

  • बिजनेस मैथमेटिक्स एंड स्टैटिसटिक्स 

Business Mathematics And Statistics

  • बैंकिंग एंड इंश्योरेंस 

Banking And Insurance

  • इनडायरेक्ट टैक्स लॉ

Indirectly Tax Law

बीकॉम सिलेबस सेमेस्टर 4

  • इंटरडिस्प्लेनेरी सिक्योरिटी एनालिसिस एंड पोर्टफोलियो मैनेजमेंट 

Interdisciplinary Security Analysis And Portfolio Management

  • एडवांस अकाउंटिंग 

advanced accounting

  • ऑडिटिंग एंड  सीक्रेट्रेरियल प्रैक्टिस 

Auditing And Secretary Practice

  • कॉस्ट मैनेजमेंट 

Cost Management

  • मार्केटिंग मैनेजमेंट 

Marketing Management

  • क्वांटिटेटिव टेक्निक्स एंड मैथर्ड

Quantitative Techniques And Mathods

बी कॉम सिलेबस सेमेस्टर 5

  • इनकम टैक्स लॉ 

Income Tax Law

  • मैनेजमेंट अकाउंटिंग 

Management Accounting

  • इंडियन इकोनामी

Indian Economy

  • प्रोडक्शन एंड ऑपरेशन मैनेजमेंट 

Production And Operations Management

  • एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस 

Entrepreneurship And Small Business

  • फाइनेंशियल मार्केट एंड सर्विस

Financial Market And Service

 

बीकॉम सिलेबस सेमेस्टर 6

 

  • डायरेक्ट टैक्स लॉ 

Direct Tax Law

  • फाइनेंसियल मैनेजमेंट 

Financial Management

  • ईसू इन फाइनेंशियल रिर्पोटिंग 

Issue In Financial Reporting

  • सोशल एंड बिजनेस एथिक्स 

Social And Business Ethics

  • ऑपरेशनल रिसर्च 

Operation Research

  • सेक्टोरल एस्पेक्ट आफ इंडियन इकोनामी

Sectorala Spects Of Indian Economy

b.com और b.com (ऑनर्स) के बीच अंतर

दोनों वाणिज्य के क्षेत्र में स्नातक पाठ्यक्रम हैं। B.Com (Hons) के अध्ययन का स्तर नियमित B.Com से अधिक है। B.Com ऑनर्स में विशेष विषय शामिल हैं जबकि B.Com. नियमित पाठ्यक्रम में सामान्य विषय होते हैं। नियमित बी.कॉम की तुलना में बी.कॉम (ऑनर्स) में विषय विस्तार से हैं।

अवधि और पात्रता

समयांतराल:

B.com 12वीं के बाद सबसे अधिक मांग वाले पाठ्यक्रमों में से एक है। इसकी अवधि 3 वर्ष है जो 6 सेमेस्टर में विभाजित है। पाठ्यक्रम अपनी अध्ययन अवधि के दौरान कई विषयों को शामिल करता है। B.Com मुख्य रूप से लेखा, गणित और अर्थशास्त्र पर केंद्रित है।

B.com के पाठ्यक्रम में शामिल विषय इस प्रकार हैं:

  • लेखांकन
  • कॉस्ट अकाउंटेंसी
  • अर्थशास्त्र
  • वित्त
  • सूचना विज्ञान
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार
  • प्रबंध
  • मानवीय संसाधन
  • कानून
  • विपणन प्रबंधन
  • पर्यटन

पात्रता:

जिन उम्मीदवारों का सवाल है “क्या मैं बैचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम) करने के लिए योग्य हूं?” इस अनुभाग से पात्रता की जांच कर सकते हैं:

  • उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 50% अंकों के साथ उच्च माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।
  • विज्ञान, वाणिज्य और कला स्ट्रीम में अकादमिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार इस पाठ्यक्रम के लिए आवेदन करने के पात्र हैं।
  • बीकॉम पूर्णकालिक या पत्राचार के माध्यम से किया जा सकता है। भारत के कुछ विश्वविद्यालय B.Com प्रदान करते हैं। और बी.कॉम. (ऑनर्स) पत्राचार मोड में।

इनमें से कुछ विश्वविद्यालय हैं:

  • ओपन लर्निंग स्कूल, दिल्ली विश्वविद्यालय University
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय
  • अन्नामलाई विश्वविद्यालय
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय
  • जामिया मिलिया विश्वविद्यालय
  • कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय
  • बैंगलोर विश्वविद्यालय आदि।

B.com के लिए प्रवेश परीक्षा

आज पूरे भारत में बीकॉम कोर्स दूसरा पसंदीदा फिल्म माना गया है इसमें कई छात्र ऐसे हैं जो ट्वेल्थ पास करने के बाद बीकॉम में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम के लिए अप्लाई करते हैं ऐसे ही कुछ पॉपुलर एंट्रेंस एग्जाम के नाम फुल फॉर्म के साथ जो इस प्रकार हैं

  • आईपीयू सीईटी (इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) Indraprastha University common entrance test
  • डीयूईटी (दिल्ली यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) Delhi University entrance test
  • सीयूईटी (क्रिस्ट यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट)

 Krist University entrance test

  • (एएमयू एंट्रेंस एग्जाम) AMU entrance exam
  • जामिया मिलिया इस्लामिया एंट्रेंस एग्जाम Jamia Millia Islamia entrance exam
  • ( एनपीएटी ) NPAT 
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी बीएचयू वाराणसी VARANASI HINDU UNIVERSITY BHU VARANASI 
  • नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) मुंबई (NARSI MONJEE INSTITUTE OFF MANEGEMENT STUDIES MUMBAI)

B.com course की  fees 

बीकॉम कोर्स को हम दो विभाग से कर सकते हैं सरकारी विभाग तथा प्राइवेट विभाग दोनों ही विभागों में अलग-अलग फीस तय की गई है जो इस प्रकार हैं

सरकारी कॉलेज 

गवर्नमेंट कॉलेज में बी कॉम कोर्स की फीस लगभग 5 से 7000 प्रति वर्ष लगते हैं बीकॉम कोर्स एक टेक्निकल कोर्स है इसके लिए आपको कॉलेज के अलावा अन्य कोचिंग क्लास या प्रोग्रामिंग क्लास ज्वाइन करना पड़ सकता है और उस क्लास के लिए आपको अलग से फीस देनी होती है

प्राइवेट कॉलेज

प्राइवेट कॉलेज में सरकारी कॉलेज के मुकाबले अधिक फीस लगती है प्राइवेट कॉलेज में लगभग 15 से 20,000रुपए प्रति सेमेस्टर देने पड़ सकते हैं  अन्य किसी  भी प्राइवेट कॉलेज की फीस एक समान नहीं होती है सभी कॉलेजों की फीस अलग-अलग होती है सभी कॉलेजों की फीस उनके मापदंडों पर आधारित रहती है

B.com कोर्स फूल फॉर्म हिंदी इंग्लिश में 

B.com- ???? बैचलर ऑफ कॉमर्स

B.com – ????BACHELOR OF COMMERCE

आमतौर पर छात्रों को बीकॉम में मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाता है। उच्च माध्यमिक परीक्षा में उम्मीदवार के प्रदर्शन के आधार पर मेरिट तैयार की जाती है। कुछ विश्वविद्यालय छात्रों को प्रवेश देने के लिए प्रवेश परीक्षा भी आयोजित करते हैं। उम्मीदवार के शैक्षणिक ज्ञान के अलावा, कुछ कॉलेज साक्षात्कार आयोजित करते हैं।

उम्मीदवार जो बी.कॉम के पूरा होने के बाद एमबीए करना चाहते हैं, उन्हें प्रवेश परीक्षा जैसे कॉमन एडमिशन टेस्ट (सीएटी), मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट (एमएटी), आदि में शामिल होना पड़ता है। कुछ संस्थान अपने कॉलेजों में प्रवेश देने के लिए अपनी स्वयं की प्रवेश परीक्षा भी आयोजित करते हैं। .

करियर और नौकरियां

वाणिज्य में एक कैरियर अत्यधिक विकास प्रदान करता है क्योंकि पेशेवरों की मांग हमेशा उच्च स्तर पर होती है।कार्यक्रम के ठीक बाद नौकरी के अवसर मौजूद हैं। B.Com स्नातकों के लिए नौकरियां भारत के साथ-साथ विदेशों में भी मौजूद हैं।बीकॉम पूरा करने के बाद आप किसी भी संस्था में अकाउंटेंट के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक कंपनी को अपनी कंपनी के लाभ और हानि पर नज़र रखने के लिए एकाउंटेंट की आवश्यकता होती है। अकाउंटेंट बनने के लिए अकाउंटेंसी के बेसिक प्रिंसिपल्स, कॉस्ट अकाउंटिंग और मैनेजमेंट अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों में ज्ञान होना चाहिए। इस क्षेत्र में अकाउंटेंट के अलावा भी कई करियर विकल्प हैं।

ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद आप टैक्स कंसल्टेंट के तौर पर भी काम कर सकते हैं और अनुभव हासिल कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवार बैंकिंग क्षेत्र में भी आवेदन कर सकते हैं। हर साल, कई निजी और सरकारी बैंक नए बी.कॉम स्नातकों को नियुक्त करते हैं। उम्मीदवार सार्वजनिक के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी काम कर सकते हैं। आप सरकारी नौकरियों जैसे बैंक, यूपीएससी आदि के लिए आवेदन कर सकते हैं।

पाठ्यक्रम सीए और सीएस के लिए छात्रों को भी तैयार करता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) / कॉस्ट एंड वर्क अकाउंटेंट (सीडब्ल्यूए) / कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) इस क्षेत्र में उन्नत करियर विकल्प हैं।

क्या आप इस क्षेत्र में उच्च अध्ययन करना चाहते हैं?

व्यक्तियों के पास बी.कॉम के बाद उच्च अध्ययन करने का विकल्प भी है। वे मास्टर ऑफ कॉमर्स (एम.कॉम) या मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) के लिए आवेदन कर सकते हैं। M.Com स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम है जो वाणिज्य, लेखा, प्रबंधन और अर्थशास्त्र से संबंधित विषयों पर केंद्रित है। मास्टर ऑफ कॉमर्स में 2 साल का पूर्णकालिक अध्ययन शामिल है। मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद नौकरी के अवसर बढ़ेंगे।

विशेषज्ञता के आधार पर, M.com डिग्री रखने वाले उम्मीदवार वित्तीय सेवाओं, विपणन, परियोजना प्रबंधन में रोजगार पा सकते हैं। वे अक्सर सामान्य प्रबंधन और व्यावसायिक परामर्श फर्मों में भी काम करते हैं।

बाद में उम्मीदवार इस क्षेत्र में रिसर्च प्रोग्राम (पीएचडी) कर सकते हैं। उनके पास डॉक्टर ऑफ कॉमर्स (D.Com), डॉक्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (DBA), या डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D) डिग्री प्रोग्राम के लिए आवेदन करने का अवसर है। एक छात्र बीकॉम के बाद एलएलबी का विकल्प भी चुन सकता है। बिजनेस लॉ इसमें सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है।

जॉब प्रोफ़ाइल

बीकॉम ग्रेजुएट इन सभी पदों पर काम कर सकता है

  • मुनीम
  • लेखा परीक्षक
  • सलाहकार
  • कंपनी सचिव
  • व्यापार विश्लेषक
  • वित्त अधिकारी
  • बिक्री विश्लेषक
  • कनिष्ठ विश्लेषक
  • कर लेखाकार
  • स्टॉक ब्रोकर
  • अर्थशास्त्री
  • व्यवसाय विकास प्रशिक्षु

नौकरी क्षेत्र

बीकॉम स्नातकों के लिए नौकरी के क्षेत्र हैं:

  • व्यापार परामर्श
  • शैक्षणिक संस्थान
  • औद्योगिक घरानों
  • सार्वजनिक लेखा फर्म
  • नीति नियोजन
  • विदेशी व्यापार
  • बैंकों
  • बजट योजना
  • सूची नियंत्रण
  • मर्चेंट बैंकिंग
  • विपणन
  • कार्यशील पूँजी प्रबंधन
  • ट्रेजरी और विदेशी मुद्रा विभाग
  • निवेश बैंकिंग

वेतन

बैचलर ऑफ कॉमर्स के स्नातकों को अच्छा वेतन पैकेज मिल रहा है। हालांकि, उम्मीदवारों का वेतन विभाग से विभाग में भिन्न होता है। कुछ वर्षों का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन मिल सकता है।वेतन संगठन की प्रकृति और नौकरी के प्रकार पर निर्भर करता है। “हालांकि, यह  10,000 और 25,000 रुपये प्रति माह तक मिल सकते है ।

कंपनी में एक सीए का औसत वेतन लगभग 5 लाख से 10 लाख प्रति वर्ष है।

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पुस्तकें और अध्ययन सामग्री

तैयारी करने के लिए सही किताब से पढ़ाई करना बहुत जरूरी है। यहां, हमने बैचलर ऑफ कॉमर्स की कुछ पुस्तकों को सूचीबद्ध किया है। छात्र इन पुस्तकों को बाजार में आसानी से ढूंढ सकते हैं या इन्हें गूगल में भी ब्राउज़ कर सकते हैं।

  • व्यापार और औद्योगिक कानून एल.सी. मित्तल
  • बिजनेस इकोनॉमिक्स द्वारा पी.के. मेहता
  • पी.सी. द्वारा वित्तीय लेखांकन तुलसियन, भारत तुलसियान
  • वित्तीय प्रबंधन ईश्वर शर्मा, एन.पी. यादव, मंजू गर्ग
  • लागत लेखांकन: माहेश्वरी मित्तल द्वारा सिद्धांत और अभ्यास
  • एम सी कुच्छल, विवेक कुछली द्वारा व्यापार कानून
  • आरपी रुस्तगी द्वारा वित्तीय प्रबंधन का मौलिक

दोस्तों आशा करता हूँ आपको मेरे द्वारा दी गयी b.com कोर्स क्या है जानकारी लाभदायक रही होगी। मैं आपके लिए आगे भी ऐसे ही लिखता रहूँगा और नयी नयी जानकारियों से अवगत करवाता रहूँगा।

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