12th commerce ke baad kya kare 12वीं कॉमर्स के बाद क्या करे

12th commerce ke baad kya karen

12th commerce के बाद क्या करे ? कौन सा विषय चुने ? कौन सा कोर्स चुनें  पूरी जानकारी हिंदी में। 

आज की पोस्ट में 12th commerce के बाद क्या करे और 12th commerce के बाद कौन कौन से करियर विकप्ल मिलेंगे सम्पूर्ण जानकारी मिलेगी। 

दोस्तों जब विद्यार्थी 10 वी पास कर लेते हैं तो उनके मन में बहुत से सवाल रहते हैं। जैसे की 12वी में कौन सा विषय चुने ताकि आगे जाकर एक बेहतर करियर के लिए विकल्प मिल सके।कोई भी विषय चुनना अपने आप में एक चुनौती होती है। क्योंकि 10वी पास करने तक छात्रों  में सोचने समझने की बुद्धि का विकास नहीं हो पाता । बहुत से स्टूडेंट 10वी पास करने के बाद अपनी आगे की पढ़ाई कॉमर्स से पूरी करना चाहते है। इसलिए हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से 12th commerce के बारे में सारी जानकारी हम आपको देंगे। आशा करता हूँ की ये जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। 

कॉमर्स विषय के बारे में विद्यार्थियों के मन मे रहने वाली शंका। 

दोस्तों आमतौर पर कॉमर्स विषय को चुनने वाले विद्यार्थियों के मन में शंका रहती है की कॉमर्स विषय उन स्टूडेंट्स के लिए है जो स्मार्ट नहीं है। 

लेकिन हम आपको बता रहें है की इस कुछ नहीं है। कॉमर्स खुद अपने आप में एक स्मार्ट सब्जेक्ट है। इसके अलावा कुछ लोग ऐसा भी सोचते है की साइंस और आर्ट्स की तुलना में कॉमर्स में करियर के विकल्प भी बहुत कम हैं। कॉमर्स विषय लेने वाले छात्रों के लिए स्टडी ऑप्शन और करियर ऑप्शन के विकल्प के बारे में इस पोस्ट में आगे वर्णन किया गया है। 

12वी के बाद करियर के कुछ ऐसे विकल्प जिनसे आप एक अच्छा करियर बना सकते हो

  • LAW
  • MANAGEMENT
  • INVESTMENT
  • ACCOUNTING
  • INSURANCE
  • FINANCE
  • SUPERVISION
  • BANKING                 1- GENERAL BANKING       2-INVESTMENT BANKING
  • REPORTING

कॉमर्स को अपना करियर विकल्प चुनकर आप निचे लिखे  करियर ऑप्शन में से किसी एक को चुन सकते हो। ये सभी जॉब आपके लिए एक बेहतर विकल्प है। 

  • accountant
  • secretary
  • teacher
  • lecturer
  • gov.sector
  • banker
  • manager
  • stockbroker

12वी के बाद करियर विकल्प 

  •  बी.कॉम् 

यह कोर्स आप 12th commerce पास करने के बाद कर सकते हो। इस कोर्स की अवधि 3 वर्ष की होती है। इसे करने के बाद आप एकाउंटिंग और फाइनेंस में अपना बेहतर करियर बना सकते हो। इस कोर्स को करने के बाद आपको लाखों के पैकेज पर सेलेक्ट किया जाता है। जिससे आप अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हो। 

  •  बी. कॉम् फाइनेंशियल मार्केट

यह कोर्स भी 3 वर्ष की अवधि में होता है। इस कोर्स मे फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, इन्वेस्टमेंट, म्यूचुअल फंड के बारे मे जानकारी दी जाती है। ये तीन साल का कोर्स करने के बाद आप आपको फाइनेंस कंट्रोल, रिस्क मैनेजमेंट, फाइनेंस प्लान, मार्केट, insurance जैसे बहुत से करियर विकल्प मिल जाते है। 

 B.com करने के बाद आप m.com , MBA, LAW, CA, CFA  कर सकते है। जिन्हें करने के बाद आपके पास प्राइवेट और गवर्नमेंट सेक्टर में बहुत से करियर के ऑप्शन मिल जाते है। 

  • B. stat

ये तीन साल का कोर्स है । यह कोर्स करने के लिए आपको 12वी तक गणित की पढ़ाई करनी पड़ती है। शेयर बाजार में रुचि रखने वाले छात्र इस कोर्स को चुन सकते है। 

  • B.sc statistics

–  ये भी 3 साल का कोर्स है जो सेम एस  b. Stat की तरह ही होता है। इसके लिए भी आपको 12 वी तक गणित की पढ़ाई करनी होती है। गणित भाषा में अच्छी पकड़ व अंको का अच्छा ज्ञान रखने वाले छात्र ये कोर्स कर सकते है। 

  • 12th commerce के बाद प्रोफेशनल कोर्स

  • CHARTERED ACCOUNTANCY(Ca)
  • BACHELOR  OF LAW
  • EVENT MANAGEMENT
  • FASHION DESIGN
  • COMPANY SECRETARY
  • HOSPITALITY DIPLOMA
  • HOTEL MANAGEMENT
  • JOURNALISM AND MASS COMMUNICATION

 आईये जानते है इन सभी जॉब्स के बारे में 

  •  CHARTERED ACCOUNTANCY

कॉमर्स में 12वीं करने वाले विद्यार्थी के लिए कोर्स के बाद यह सबसे ज्यादा सपोर्ट है. 12th commerce के बाद छात्र Common Proficiency Test (CPT) के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस परीक्षण का प्रबंधन ICAI (The Institute of Chartered Accountants of India) द्वारा किया जाता है. इसका प्रधान कार्यालय नई दिल्ली में है. C.A बनने के लिए किसी को चार्टर्ड एकाउंटेंसी कोर्स पूरा करना होगा और आईसीएआई का सदस्य बनना होगा.

CPT के बाद, छात्रों को C.A. इंटर की परीक्षा में शामिल होना है और Information Technology Training Course करना है, इसके बाद C.A. आखिरी परीक्षा है. इस सम्मानित पेशे में एक सफल करियर बनाने के लिए कड़ी मेहनत और प्रयासों की आवश्यकता होती है. शुरुआती स्तर थोड़ा आसान है, लेकिन उच्च स्तर यानी इंटरमीडिएट (IPCC) और CA फाइनल कठिन हैं. नए Courses के अनुसार फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और अंतिम स्तरों को पूरा करने की आवश्यकता है. इस कोर्स की अवधि लगभग 5 वर्ष है.

यह भी पढ़ें :WEB DOVELOPER क्या होता है?WEB DOVELOPER कैसे बने?

  • चार्टर्ड एकाउंटेंसी (सीए)

चार्टर्ड एकाउंटेंसी यानि सीए एक कोर्स है जिसके ज़रिए वाणिज्य छात्र चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने के लिए आगे बढ़ सकते हैं। भारत में इस कोर्स को लेकर छात्रों  में सबसे ज्यादा उत्सुकता देखी जा सकती है। किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से कुल मिलाकर कम से कम 50 फीसदी अंकों से 12वीं पास होनी ज़रूरी है।

  • BACHELOR  OF LAW

बीबीए एलएलबी (BBA LLB)

बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ ऑनर्स, एक स्नातक प्रशासनिक कानून पेशेवर एकीकृत पाठ्यक्रम है। बीबीए एलएलबी का चयन करने वाले छात्र बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और लॉ का अध्ययन करते हैं। कोई भी छात्र जिसने न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ 12वीं की हो इस कोर्स के लिए पात्र माना जाता है। देश में एलएलबी की पढ़ाई कराने वाले कई कॉलेज है। जिसके लिए प्रवेश परीक्षा भी आयोजित की जाती है।

पहले किसी भी विषय से ग्रेजुएट स्टूडेंट LLB का कोर्स कर सकते थे। लेकिन अब सिर्फ कॉमर्स के स्टूडेंट ही ग्रेजुएशन के बाद LLB कर सकते है। आप 12वि के बाद BA LLB ,BCOM LLB,BSC LLB जैसे डिग्री कोर्स कर सकते  हो जिसके बाद आपको भारतीय न्यायव्यवस्था के कानूनों के अनुसार न्याय के लिए  लड़ने का अधिकार प्राप्त हो जायेगा 

  •  EVENT MANAGEMENT

यह कोर्स सर्टिफिकेट,डिग्री और  डिप्लोमा कोर्स है जिसकी अवधि 1 से 3 वर्ष होती है। ये कोर्स करके आप किसी भी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में नौकरी कर सकते हो या अपनी खुद की इवेंट कंपनी खोल सकते हो।  इवेंट मैनेजमेंट कोर्स का भविष्य में बहुत ही अच्छा स्कोप है जिसे कर  आप अपने भविष्य को और करियर को सुदॄढ बना सकते हो। 

  •  FASHION DESIGN

फैशन डिजाइनिंग भी आप के लिए एक बहुत अच्छा करियर विकल्प हो सकता है. अगर आप की रुचि फैशन डिजाइनिंग में है तो आप ये कोर्स कर सकते हों। यह एक बहुत ही विशाल क्षेत्र है जिसमे आप 12वी के बाद फैशन डिजाइनिंग कोर्स को चुन सकते हो।  इस कोर्स की अवधि 1  से 4  वर्ष की होती है। इसे करने के बाद आप किसी भी कंपनी में नौकरी या आप अपना खुद का काम कर सकते हो। 

  • COMPANY SECRETARY

    कंपनी सचिव (सीएस)

कंपनी सचिव या सीएस भी छात्रों में सीए के बाद सबसे लोकप्रिय कोर्स है। जिसे 12वीं में 50 फीसदी अंक हासिल करने के बाद किया जा सकता है। इस कोर्स को करने के बाद नौकरी की अपार संभावनाएं खुल जाती है । और इस कोर्स के बाद छात्र कंपनी सचिव बनने की योग्यता प्राप्त कर लेता है।

कंपनी सचिव के लिए एक फाउंडेशन कोर्स है. इस कोर्स की अवधि 3 वर्ष है. छात्रों को CS Course के लिए उपस्थित होना है और परीक्षा को Clear करना है. Institute of Company Secretaries of India (ICSI) को सरकार द्वारा Course के साथ-साथ परीक्षा आयोजित करने के लिए कहा गया है.

CS Course के लिए चयनित होने के लिए छात्रों को 3 स्टेज प्रोग्राम से गुजरना होगा – Foundation, Executive and Professional Program. एक CS कंपनी के सभी वि नियामक अनुपालन के लिए जिम्मेदार है और इन-हाउस कानूनी विशेषज्ञ के रूप में कार्य करता है. CA और CS का संयोजन एक अच्छा करियर बनाने के लिए एक अच्छा विकल्प है. एक CS स्वतंत्र रूप से अभ्यास कर सकता है या कॉर्पोरेट दुनिया में काम कर सकता है.

  •  HOSPITALITY DIPLOMA    –     इस कोर्स को आप 10वी पास करने के बाद भी कर सकते हो। ये कोर्स करके आप को नौकरी के बहुत से विकल्प मिलेंगे 

  •  HOTEL MANAGEMENT

ये 4 साल का डिप्लोमा कोर्स है जिसे करके आप प्राइवेट और सरकारी दोनों क्षेत्रों में नौकरी कर सकते हो

  • बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स

बैचलर ऑफ कॉमर्स यानि बीकॉम एक डिग्री कोर्स है जिसे हर कॉलेज अपने पाठ्यक्रम में शामिल ज़रूर करता है। इस पाठ्यक्रम की अवधि भारतीय कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 3 साल की होती है। जिसे किसी भी यूनिवर्सिटी या अन्य शिक्षण संस्थान से किया जा सकता है।

  • JOURNALISM AND MASS COMMUNICATION 

जो छात्र मनोरंजन मीडिया या विज्ञापन की दुनिया में प्रवेश करना चाहते हैं, यह एक बहुत अच्छा कोर्स है. इसमें अवसर रचनात्मक और समाचार एजेंसियों में उपलब्ध हैं, किसी को प्रिंट के साथ-साथ डिजिटल मीडिया हाउस में भी नौकरी मिल सकती है. Journalism और Mass Communication में सर्टिफिकेट कोर्स 6 महीने से लेकर 1 साल तक का होता है, डिप्लोमा 2 साल के लिए और 3 साल के लिए डिग्री होता है.

  • बीसीए (आईटी एंड सॉफ्टवेयर)

अगर आपकों कंप्यूटर से प्यार है तो फिर ये कोर्स आपके लिए ही है। जी हां..बीसीए खासतौर से उन्ही स्टूडेंट के लिए है जो कंप्यूटर की भाषाओं की दुनिया को जानने की इच्छा रखता हो। एक बीसीए की डिग्री कम्प्यूटर साइंस या सूचना प्रौद्योगिकी में बीटेक / बीई डिग्री के बराबर मानी जाती है। एक उम्मीदवार जिसने गणित के साथ किसी भी विषय से 12वीं पास की हो वो इसके लिए पात्र माना जाता है लेकिन ये याद रहे कि 12वीं में 45 फीसदी अंक होने ही चाहिए।

  • बीबीए / बीएमएस

बैचलर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन यानि बीबीए और बैचलर ऑफ मैनेजमैंट स्ट्डीज़ यानि बीएमएस एमबीए में मास्टर्स के लिए एक अहम भूमिका निभाता है। बीबीए / बीएमएस बिजनेस मैनेजमेंट में करियर चलाने के लिए बैचलर डिग्री है। जो किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में 12वीं करने के बाद किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए कम से कम 50 फीसदी अंक 12वीं में आने चाहिए। हालांकि इस कोर्स को किसी भी स्ट्रीम का स्टूडेंट कर सकता है लेकिन कॉमर्स के स्टूडेंट को इसे समझना और भी आसान हो जाता है।

तो ये कुछ कोर्स हैं जो आपके करियर को सही दिशा दे सकते हैं ताकि आपका भविष्य उज्जवल हो सके। 12वीं के बाद कॉमर्स के स्टूडेंट सिर्फ इन्ही कोर्स में नहीं बल्कि आर्ट्स की फील्ड से जुड़े तमाम कोर्स में भी आगे की राह चुन सकते हैं।

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